मोहें पिय संग नीँद न आवे
पिय सोवे नाक बजावे
बिच बिच ट्रेन सों शीटी बजावे
मोहें------
नींद आवत आवत खुलि जावे
मैं पिया को धक्का लगावे
पिया सोवत सों जगि जावे
मोहें---
पिया को छेड़खानी सुहावे
मोहें झुँझलाहट आवे
पिया तब रिस में भरि जावे
मोहें---
पिया बेड छोड़ि सोफे पे जावे
तब नींद मोहें लगि जावे
पिया जला भुना होइ जावे
मोहें---
---लक्ष्मीनारायण गुप्त
---२६ अप्रैल २०१२