क्षीर सागर पर पहुँचे मुनि नारद
प्रभु ने कहा बैठिए विज्ञान विशारद
मृत्यु लोक के कुछ हाल बताइए
क्या हैं लोगों के सुख दु:ख फरमाइए
नारद बोले प्रभु आप को सब कुछ है ज्ञान
सेवक को फिर भी देते हैं सम्मान
पूछते हैं आप तो मैं बताता हूँ
नहीं तो मैं सदा आपही के गुण गाता हूँ
विज्ञान ने बड़ी तरक्की की है
शारीरिक श्रम की आवश्यकता बहुत कम कर दी है
फलस्वरूप मोटापा बहुत बढ़ रहा है
मोटापाजनित बीमारियाँ बढ़ रही हैं
मधुमेह, हृदय रोग, वात रोग
सबकी वृद्धि हो रही है
बिग फर्मा और डाक्टरों की चाँदी हो रही है
प्रभु बोले नारद, वत्स तुम अभी भी हो नादान
सबसे बड़ी समस्या का नहीं किया तुमने निदान
बोरडम से बड़ी कोई नहीं और समस्या है
इसके कारण इन्सान क्या क्या नहीं करता है
इस समस्या का मैंने किया है समाधान
मानव से करवाया इन्टरनेट ईजॅाद
समय नष्ट करने का अद्भुत साधन
कभी तुम कम्प्यूटर पर बैठे हो नारद
दूसरे मैंने बढ़ा दी उसकी बीमारियाँ
हृदय रोग, वात रोग, मधुमेह शर्तिया
मानव खोजता है इन्टरनेट पर इन मर्ज़ों का इलाज
या फिर करता है दर्द से प्रलाप
या करता है डाक्टरों और नर्सों की ज़िन्दगी तबाह
किन्तु उस परम असाध्य रोग से बच जाता है
बिस्तरे पर लेटे लेटे ऊब ऊब कर नहीं मरता है
नारद मुनि ने कहा प्रभु धन्य हैं आप
मूर्ख मानव करता है व्यर्थ प्रलाप
आप उसका भला ही करते हैं
जो कुछ करते हैं अच्छा ही करते हैं
---लक्ष्मीनारायण गुप्त
---२७ जनवरी २०११
Blog Adda Saturday Pick
प्रभु ने कहा बैठिए विज्ञान विशारद
मृत्यु लोक के कुछ हाल बताइए
क्या हैं लोगों के सुख दु:ख फरमाइए
नारद बोले प्रभु आप को सब कुछ है ज्ञान
सेवक को फिर भी देते हैं सम्मान
पूछते हैं आप तो मैं बताता हूँ
नहीं तो मैं सदा आपही के गुण गाता हूँ
विज्ञान ने बड़ी तरक्की की है
शारीरिक श्रम की आवश्यकता बहुत कम कर दी है
फलस्वरूप मोटापा बहुत बढ़ रहा है
मोटापाजनित बीमारियाँ बढ़ रही हैं
मधुमेह, हृदय रोग, वात रोग
सबकी वृद्धि हो रही है
बिग फर्मा और डाक्टरों की चाँदी हो रही है
प्रभु बोले नारद, वत्स तुम अभी भी हो नादान
सबसे बड़ी समस्या का नहीं किया तुमने निदान
बोरडम से बड़ी कोई नहीं और समस्या है
इसके कारण इन्सान क्या क्या नहीं करता है
इस समस्या का मैंने किया है समाधान
मानव से करवाया इन्टरनेट ईजॅाद
समय नष्ट करने का अद्भुत साधन
कभी तुम कम्प्यूटर पर बैठे हो नारद
दूसरे मैंने बढ़ा दी उसकी बीमारियाँ
हृदय रोग, वात रोग, मधुमेह शर्तिया
मानव खोजता है इन्टरनेट पर इन मर्ज़ों का इलाज
या फिर करता है दर्द से प्रलाप
या करता है डाक्टरों और नर्सों की ज़िन्दगी तबाह
किन्तु उस परम असाध्य रोग से बच जाता है
बिस्तरे पर लेटे लेटे ऊब ऊब कर नहीं मरता है
नारद मुनि ने कहा प्रभु धन्य हैं आप
मूर्ख मानव करता है व्यर्थ प्रलाप
आप उसका भला ही करते हैं
जो कुछ करते हैं अच्छा ही करते हैं
---लक्ष्मीनारायण गुप्त
---२७ जनवरी २०११
Blog Adda Saturday Pick