Saturday, July 03, 2010

अहैतुकी कृपा



प्रभु की अहैतुकी कृपा हो गई

सारे बदन में अर्थराइटिस हो गई


अवकाश प्राप्ति के बाद हम अवकाश में क्या करेंगे

यह सोच कर हम परेशाँ होते थे

स्वत: यह प्रॅाब्लम सॅाल्व हो गई

प्रभु की अहैतुकी कृपा हो गई

सारे बदन में अर्थराइटिस हो गई


हड्डियों के डॅाक्टरों की चाँदी हो गई

कभी घुटनों का डॅाक्टर

कभी पीठ का डॅाक्टर

कभी कलाई का डॅाक्टर

कभी पैरों का डॅाक्टर

डाक्टरों और थेरापिस्ट के साथ

अपनी सोशल लाइफ बन गई

एक और समस्या समाधान हो गई

जो कमी रह गई थी

वह न्यूरालॅाजिस्ट से पूरी हो गई

प्रभु की अहैतुकी कृपा हो गई

सारे बदन में अर्थराइटिस हो गई


दान दक्षिणा की ज़रूरत नहीं रह गई

डॅाक्टरों और थेरैपिस्टों को

रकम चली गई

मन्दिर को बची खुची घास डल गई

बेटियाँ दोनों सयानी हो गईं

उनकी विरासत डॅाक्टरों को मिल गई

प्रभु की अहैतुकी कृपा हो गई

सारे बदन में अर्थराइटिस हो गई


---लक्ष्मीनारायण गुप्त

---३ जुलाई २०१०




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