कुछ भारतीयों का विश्वास है कि भारत हर वस्तु या आविष्कार का मूल स्थान है। ऐसा विश्वास करने वालों के लिए कुछ 'तथ्य' प्रस्तुत कर रहा हूँ:
१। वायाग्रा का मूल भारत है क्योंकि यह शब्द संस्कृत शब्द व्याघ्र से बना है:
व्याघ्र --> व्याघ्रा -->वायाग्रा (अपभंश)
२। कनाडा कुछ कन्नड़ भाषा भाषियों ने बसाया होगा तभी तो कनाड़ा नाम पड़ा है।
३। अमेरिका के आदिवासियों को इन्डियन कहा जाता है। आपको शायद पता नहीं होगा कि ये लोग वास्तव में भारतीय ही हैं। जब त्रेता युग में सुग्रीव ने वानरों को पाताल देश भेजा तब उनसे कहा गया था कि यदि सीता का पता नहीं लगा पाओगे तो लौटने पर मृत्यु के भागी बनोगे। आप यह तो जानते ही होंगे कि ये वानर मनुष्य ही थे।
वानर = वन में रहने वाला नर
जब ये बिचारे वानर सीता का पता नहीं लगा पाए तो यहीं अमेरिका में ही रह गए। इस बात के कुछ प्रमाण अभी भी पाए जाते है। राचेस्टर नगर में- जहाँ मैं रहता हूँ- जेनेसी नदी बहती है। अवश्य ही इस नदी का नाम गणेशी रहा होगा जो कालांतर से जेनेसी बन गया।
४। दक्षिण भारत में प्राचीन काल में पल्लव राजा राज्य करते थे। ये जब उत्तर में ईरान पहुँचे तो पहलवी बन गए। ईरान के आखिरी सम्राट का नाम शाह रज़ा पहलवी था। वास्तव में कुछ पाश्चात्य विद्वानों ने इसका उल्टा कहा है। मेरे विचार में उनका यह विचार कोरा पागलपन है।
---लक्ष्मीनारायण गुप्त
---३ फरवरी २०१०
6 comments:
तभी आजकल आप काफी शोध में व्यस्त रहते हैं. :)
रोचक मगर कुछ हास्य भी !
बढ़िया विश्लेषण है. खासकर वायाग्रा का. इस मजेदार सीरीज को जारी रखा जाए ये आग्रह है. :)
हाँ , हास्य तो बढियां है !
तथ्य की परवाह यहाँ नहीं करूँगा ! हंसने के लिए ! आभार !!!
Aur shayad aapko yeh bhi yaad hoga ki Shakespear india ka rahne waala tha aur uska asli naam Shekhu Peer tha :)
समीर जी, अरविन्द जी, रवि जी, अमरेन्द्र जी एवं कृषन जी,
उत्साह बढ़ाने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद।
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