मंगल गाओ जी, शगुन मनाओ जी
बिटिया ससुराल चली, प्रीतम के अँगना
आज बधाई हो, मन में उमंगें भरो
जुग जुग यह जोड़ी जिए, सभी की कामना
फूलें फलें, खुशियों से महल भरें
स्वजनों के प्यारे बनें, दिल में यह तमन्ना
प्रीतम की प्यारी बने बिटिया हमारी यह
भव की भवानी सी हमारी यह भावना
सखियाँ मंगलचार करें, बड़ों के आशीष से
भरा हो सुख सम्पति से दोनों का अँगना
---लक्ष्मीनारायण गुप्त
---२७ जुलाई २००८
(मेरी पुत्री सुजाता का विवाह संस्कार 27 सितम्बर को सम्पन्न हुआ.)