बड़े कमाल की यह बात हो रही है
भारत में दोमुखी प्रगति हो रही है।
अंग्रेज़ी भाषा की धाक बढ़ रही है
हिन्दी चलचित्रों की माँग बढ़ रही है।
एक ओर कृत्रिम उपग्रह बन रहे हैं
दूसरी ओर मेहतर मल उठा रहे हैं।
निजीकरण का कहीं जोर चल रहा है
पेप्सी में पेस्टीसाइड पड़ रहा है।
देखिये नित नये भवन बन रहे हैं
सड़कों पर कचरे के ढेर लग रहे हैं।
एक ओर नया चमचमाता अस्पताल बन रहा है
दूसरी ओर एड्स बेतहाशा बढ़ रहा है।
आउटसोर्सिंग की बड़ी धूम हो रही है
पार्वती देवी पैट्रीशिया बन रही हैं।
एक तरफ हम पश्चिमीकरण करते हैं
दूसरी तरफ नववधुओं को ज़िन्दा जलाते हैं।
कान्वेन्ट स्कूलों की माँग बढ़ रही है
विश्व हिन्दू परिषद की साख बढ रही है।
एक तरफ बेतहाशा अंग्रेज़ियत बढ़ रही है
दूसरी तरफ हिन्दुत्व की शान बढ़ रही है।
लक्ष्मीनारायण गुप्त
22 अगस्त २००५
3 comments:
bahut achhe laxmi ji.
achchaa lagaa . ham visangatiyon me jee rahe hain.
Anunad
हिन्दुत्व अथवा हिन्दू धर्म
हिन्दुत्व एक जीवन पद्धति अथवा जीवन दर्शन है जो धर्म, अर्थ, काम, मोक्षको परम लक्ष्य मानकर व्यक्ति या समाज को नैतिक, भौतिक, मानसिक, एवं आध्यात्मिक उन्नति के अवसर प्रदान करता है।आज हम जिस संस्कृति को हिन्दू संस्कृति के रूप में जानते हैं और जिसे भारतीय या भारतीय मूल के लोग सनातन धर्म या शाश्वत नियम कहते हैं वह उस मजहब से बड़ा सिद्धान्त है जिसे पश्चिम के लोग समझते हैं।
अधिक के लिये देखियेः http://vishwahindusamaj.com/hindutva.htm
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